रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के महज चार दिन के भीतर ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। अब तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं, जिससे इस वर्ष की यात्रा की शुरुआत बेहद उत्साहजनक मानी जा रही है। कपाट खुलने के पहले ही दिन करीब 38 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन कर नया रिकॉर्ड कायम किया, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।केदारसभा समेत तीर्थ पुरोहितो व भक्तों ने यात्रा व्यवस्था की जमकर तारीफधाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए आने वाले दिनों में और अधिक भीड़ की संभावना जताई जा रही है। बड़ी संख्या में पहुंच रहे भक्तों से स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और छोटे कारोबारियों के चेहरे भी खिले नजर आ रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस यात्रा सीजन में अच्छी आमदनी होगी और पिछले वर्षों की तुलना में व्यापार बेहतर रहेगा।यूट्यूब द्वारा दर्शन व व्यवस्था को लेकर फैलाए जा रहे अफवाह को लेकर आक्रोश
श्री केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने धाम में की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि केदारनाथ में यात्रियों के लिए रहने, खाने और दर्शन की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने कुछ यूट्यूब चैनलों द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार पर चिंता जताते हुए कहा कि इस प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने देश-विदेश के श्रद्धालुओं से बिना किसी संकोच के बाबा केदार के दर्शन के लिए आने की अपील की। चार दिन में एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे धामवयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती ने बताया कि मात्र चार दिनों में एक लाख से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंच चुके हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने भी अफवाहों को नजरअंदाज करने की अपील की।कपाट खुलने के बाद रिकॉर्ड भक्त आएबीकेटीसी के सदस्य संजय तिवारी ने बताया कि कपाट खुलने के दिन रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे नया इतिहास बना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में भी इसी तरह बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे और यात्रा सफलतापूर्वक संचालित होती रहेगी।सभी व्यवस्थाएं बेहतरदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु भी व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए। गुरुग्राम से आए श्रद्धालु अमित ने यात्रा को “अविस्मरणीय अनुभव” बताते हुए कहा कि मार्ग से लेकर धाम तक सभी व्यवस्थाएं बेहद सुव्यवस्थित हैं।





