देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के बाद मसूरी की तरफ वाहनों का दबाव बढ़ गया है। पर्यटन सीजन सिर पर खड़ा है और ऐसे में निकट भविष्य में वाहनों का दबाव और बढ़ जाएगा।इस स्थिति में मसूरी रोड का जाम एक्सप्रेसवे के आनंद को काफूर न कर दे, इसको लेकर सरकारी मशीनरी राहत के हरसंभव उपाय करने में जुटी है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर स्वयं देहरादून-मसूरी राज्य राजमार्ग पर अतिरिक्त बेली ब्रिज और स्थायी पुल के निर्माण की प्रगति देखी। साथ ही लोनिवि अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ दिन-रात काम करने के निर्देश दिए।15 सितंबर 2025 की मध्य रात्रि में हुई अतिवृष्टि में मसूरी राजमार्ग पर कुठालगेट के पास स्थित पुल क्षतिग्रस्त हो गया था।मसूरी रोड पर आवाजाही ठप हो जाने के बाद लोनिवि प्रांतीय खंड ने रिकार्ड समय पर यहां बेली ब्रिज खड़ा कर दिया था। हालांकि, क्षतिग्रस्त पुल की जगह स्थायी पुल का इंतजार बना रहा।जब एक्सप्रेसवे को वाहनों के लिए खोलने की तैयारी तेज हुई तो राज्य सरकार की मशीनरी भी तेजी से हरकत में आई। एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से पहले ही स्थायी पुल के निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर धरातल पर मशीनरी को उतार दिया गया था।वहीं, जब एक्सप्रेसवे शुरू हो गया तो मसूरी रोड पर जाम भी बढ़ने लगा। वजह साफ थी कि कुठालगेट पर एकमात्र सिंगल लेन बेली ब्रिज था।हालांकि, सरकार की सक्रियता से दो दिन के भीतर यहां एक और बेली ब्रिज अस्तित्व में आ जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्माण की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि अतिरिक्त बेली ब्रिज के बाद इस भाग का बाटलनेक दूर हो जाएगा।





