नई दिल्ली, एजेंसी। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। अचानक हुए इस हादसे के बाद प्लांट परिसर में आग और धुएं का गुबार फैल गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।
विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास मौजूद श्रमिक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे में 10 मजदूरों की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, हादसे के समय प्लांट में बड़ी संख्या में मजदूर कार्यरत थे। हादसे में करीब 30 से मजदूरों के घायल होने की सूचना है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंच गई और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट के बाद प्लांट में भगदड़ की स्थिति बन गई थी, कई मजदूर झुलस गए, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। बचाव दल द्वारा घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने घटनास्थल को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है।
हादसे के कारणों की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। प्रारंभिक तौर पर बॉयलर फटना कारण माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक वजह सामने आएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता कर रहा है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के स्वजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
कठिन समय में प्रभावित परिवारों को साथ- वेदांताहमारी तत्काल प्राथमिकता सभी प्रभावित लोगों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता और उपचार सुनिश्चित करना है। हम घायलों को पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं और चिकित्सा टीमों तथा स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय में हैं।हम इस घटना के सभी विवरणों का पता लगाने की प्रक्रिया में हैं और अपने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर एक विस्तृत जांच कर रहे है। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और गहरी सहानुभूति प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ हैं।





