तेहरान : अमरीका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के 35वें दिन ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरजीसी) ने बड़ा दावा करते हुए अमरीका के उन्नत लड़ाकू विमान एफ-15ई को मार गिराने की बात कही और मारे गए जहाज के मलबे की तस्वीरें भी शेयर कीं। आईआरजीसी ने कहा है कि उन्होंने फारस की खाड़ी में केश्म द्वीप के दक्षिण में अमरीका के एक उन्नत लड़ाकू विमान एफ-15ई को मार गिराया है। आईआरजीसी के एयर डिफेंस सिस्टम ने सेंट्रल ईरान में इस घटना को अंजाम दिया। इसी बीच ईरानी मीडिया ने बताया कि नष्ट किए जहाज के पायलट ने इजेक्ट किया और सुरक्षा बलों ने उसे हिरासत में ले लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ संकेतों से लगता है कि अमरीका को विश्वास था कि पायलट जीवित हो सकता है, इसलिए उन्होंने उसे ईरान की सीमा से निकालने का प्रयास किया। ईरान की न्यूज एजेंसी तस्नीम ने कहा है कि अमरीकी सेना ने पायलट को वापस लाने के प्रयास में ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टरों और एक हरक्यूलिस सी-130 विमान का उपयोग करके एक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन यह अभियान असफल सेटेलाइट तस्वीरों में ईरान के केशम बंदरगाह से धुआं उठता हुआ देखा गया है। यह हमला ईरान के लिए रणनीतिक और आर्थिक तौर पर बड़ा झटका है। यह पोर्ट ईरान के होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण के लिए महत्त्वपूर्ण है। ईरान की होर्मुज में टोल वसूलने जैसे व्यवस्था के लिए इस द्वीप का बहुत महत्त्व है। केशम फ्री जोन के अधिकारियों ने बताया कि ईरान के केशम द्वीप पर स्थित बहमन कॉमर्शियल बंदरगाह और दोहा मछली पकडऩे के घाट के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा ईरान पर नजर रखने, मिसाइल ठिकानों को ट्रैक करने और सटीक हमले करने में ये ड्रोन अहम भूमिका निभाते हैं। फैक्टरी के नुकसान से इजरायल को पुराने स्टॉक पर निर्भर रहना पड़ेगा या विदेश से जल्दी आयात करना पड़ेगा।





