देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में ओलावृष्टि और आंधी की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।मौसम विभाग के अलर्ट के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जनपदों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही पहाड़ों में ट्रेकिंग पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, प्रतिकूल मौसम को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित या नियंत्रित रखा जाए।संवेदनशील इलाकों में आवागमन पर नजर रखते हुए हर स्तर पर सतर्कता बनाए रखने को कहा गया है।साथ ही किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थानीय कार्रवाई और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के निर्देश दिए गए हैं।आपदा प्रबंधन की आइआरएस प्रणाली के तहत सभी नामित अधिकारी और विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे। सभी संबंधित विभागों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।अधिकारियों को बरसाती, छाता, टार्च और हेलमेट जैसे आवश्यक उपकरण अपने स्तर पर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी कहा है कि संभावित आपात स्थिति में फंसे लोगों के लिए खाद्य सामग्री और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित रखी जाए।विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और खराब मौसम के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही नियंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।नगर और कस्बाई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति से बचने के लिए नालियों और कल्वर्ट की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था सुचारू रखने पर भी जोर दिया गया है।सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने आमजन से अपील की है कि मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।





