बाप की दरिंदगी: मां और दो बेटियों का किया कत्ल आंख भी निकाली

शामली। यूपी के शामली जिले से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। शामली के गांव गढ़ी दौलत में दस दिसंबर की रात एक शख्स ने पत्नी और दो बेटियों की हत्या कर दी। इसके बाद शवों को घर के आंगन में दबा दिए। पत्नी बिना बुर्के में मायके गई थी। आरोपी ने इससे खफा होकर मार डाला।
में पत्नी ताहिरा बिना बुर्के के मायके चली गई तो पति फारूख ने रात में उसकी गोली मार कर हत्या कर दी। मां की हत्या करते दो बेटियों ने देख लिया तो उन्हें भी मार डाला। इसके बाद तीनों के शव को घर में ही दबा दिया। 10 दिसंबर की रात गांव गढ़ी दौलत में हुई इस खौफनाक वारदात का खुलासा मंगलवार को हुआ। आरोपी के पिता की शिकायत पर पुलिस ने खोदाई कराई तो तीनों के शव बरामद हुए।
पुलिस ने बताया कि गांव गढ़ी दौलत निवासी फारुख शादी-विवाह में खाना बनाने का काम करता है। वह अपने पिता दाउद व मां असगरी से अलग दूसरे घर में रहता है। उसके साथ पत्नी ताहिरा (32) व पांच बच्चे रहते थे। उसकी सबसे बड़ी बेटी आफरीन (14), आसमीन (10), सहरीन (7), पुत्र बिलाल (9) व अरशद (5) हैं। उसकी अपने माता पिता से बोलचाल नहीं थी।
करीब छह दिन से फारूख की पत्नी व दो बेटियां आफरीन व सहरीन घर से लापता चल रहे थे। इस पर फारूख के पिता दाउद को शक हुआ। दाउद ने फारूख से उसकी पत्नी व बच्चों के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उन्हें शामली में किराये के मकान में रखा है। 

 जिस पर वह झगड़ा कर अपने मायके मुजफ्फरनगर के नारा गांव में बिना बुर्का लगाए ही चली गई थी। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने शादी के बाद से ही पत्नी को पर्दे में रखा था। कभी भी वह बिना बुर्का लगाए घर से बाहर नहीं निकली थी।
 आरोपी पिता ने दरिंदगी की हदें की पार, बेटी की एक आंख भी निकाली
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने दरिंदगी की सभी हदें पार कर दी, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतका आफरीन की एक आंख भी बाहर निकली मिली। साथ ही मोटा डंडा मिला जो खून से लथपथ था। 

आशंका जताई जा रही है कि डंडे से आरोपी ने बेटी की एक आंख भी फोड दी। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने रात 9 से दस बजे के बीच वारदात को अंजाम दिया था।मदरसे में पढ़ा है फारुख
पुलिस को आरोपी ने बताया कि वह मदरसे में पांचवी तक बढ़ा था। इसके बाद उ सने पढ़ाई छोड़ दी थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी के चेहरे तक पर शिकन नहीं है।
दस से अधिक बार हुई पंचायत, फिर भी नहीं बच सकी जान
मृतका के पिता ने बताया कि आए दिन फारुख बेटी को परेशान करता था। दस से अधिक बार गढ़ी दौलत और मायके में पंचायतें भी हुई। मगर हर बार हम शर्म के कारण बेटी को भेज देते थे। पंचायत के बावजूद बेटी की जान नहीं बच सकी। यदि उन्हें पता होता तो वह कभी भी बेटी को नहीं भेजते।

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