<p>दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एक तरफ जहां विश्वविद्यालय ने UGC से मान्यता प्राप्त ऑनलाइन और ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ODL) पाठ्यक्रमों की शुरुआत कर दी है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय के छात्रों ने UGC-NET, JRF और पीएचडी पात्रता परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे प्रदेश में गोरखपुर का नाम रोशन कर दिया है.</p>
<p>विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने औपचारिक रूप से इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत करते हुए कहा कि यह पहल दूर-दराज के छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. इन पाठ्यक्रमों के जरिए अब विद्यार्थी अपने घर बैठे ही बी.कॉम, एम.कॉम, बीबीए, एमबीए और एमए (अंग्रेजी) जैसे लोकप्रिय कोर्स कर सकेंगे.</p>
<p>इन कोर्सेज में इंटरनेशनल लेवल तक प्रवेश की सुविधा दी गई है. कुलपति के अनुसार, दुनिया के 245 देशों से छात्र इन कोर्स में नामांकन कर सकते हैं. इंटर्नशिप का भी विकल्प दिया गया है जिससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री का अनुभव मिलेगा.</p>
<p>नेट-जेआरएफ में सफलता</p>
<p>जून 2025 में आयोजित UGC-NET/JRF परीक्षा में विश्वविद्यालय के 150 से अधिक छात्रों ने सफलता प्राप्त की है. खास बात यह है कि इनमें से दो दर्जन से ज्यादा छात्र JRF (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) के लिए चयनित हुए हैं. राजनीतिशास्त्र विभाग की शोध छात्रा श्रेया द्विवेदी ने पूरे देश में 21वीं रैंक हासिल कर गोरखपुर विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है.</p>
<p>विश्वविद्यालय की पहलें बनीं सफलता की कुंजी</p>
<p>विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए समय-समय पर मॉक टेस्ट, नेट कार्यशालाएं, करियर काउंसलिंग, और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं दी हैं. शोध आधारित शिक्षण नीति और फैकल्टी डेवेलपमेंट प्रोग्राम (FDP) ने शिक्षकों को भी तकनीकी रूप से मजबूत बनाया है.</p>
<p>प्रो. अनुभूति दुबे ने कहा कि यह सफलता सभी विभागों की मिलीजुली मेहनत का फल है और आने वाले दिनों में सफल छात्रों की संख्या और बढ़ सकती है.</p>
<p><strong>एडमिशन के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग आज से</strong></p>
<p>दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया गुरुवार से प्रारंभ होगी. कुल 44 पाठ्यक्रमों में से 13 ऐसे पाठ्यक्रम भी हैं. जहां विश्वविद्यालय परिसर के साथ साथ संयुक्त रूप से प्रतिभागी कालेजों में भी ऑनलाइन काउंसिलिंग के जरिए सीटें आवंटित की जाएंगी.</p>
<p>इनमें मुख्य रूप से बी.ए.एलएलबी में 6 महाविद्यालय, बीबीए में 5 महाविद्यालय, बीसीए में आठ, बीकॉम ऑनर्स में दो , बीएससी कृषि में तीन , एलएलबी में एक , एम.एड. में दो , एमएससी गणित में एक , एमएससी भौतिकी में एक , एमकॉम में एक , एम.ए.अंग्रेजी में एक , बीपीएड में 3 और बीए.ऑनर्स में एक महाविद्यालय शामिल हैं.</p>
<p><strong>रिपोर्ट- नीरज श्रीवास्तव</strong></p>
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