नई दिल्ली, एजेंसी। चीन के ह्यूमनॉइड रोबोट्स अब जंग के मैदान में उतरने को तैयार। पीएलए के दस्तावेज, इंसान जैसे दिखने वाले रोबोट्स और 1.9 लाख पेटेंट्स। जानिए ड्रैगन की रोबोटिक सेना का सच, विशेषज्ञों की राय और इसका दुनिया पर असर।इस साल फरवरी में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो के चीन के होने का दावा करते हुए कहा गया था कि चीन की सेना- पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) अब इंसान जैसे दिखने वाले रोबोट्स, जिन्हें ‘ह्यूमनॉइड रोबोट्स’ भी कहा जाता है, को असॉल्ट राइफल जैसे हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रही है। इस वायरल पोस्ट में यह भी दावा था कि चीन ने आधिकारिक तौर पर रोबोट्स को सैन्य सेवा के लिए तैयार करना शुरू कर दिया है। इस वीडियो के तब असली होने की पुष्ट नहीं हुई। कुछ चर्चित चैटबॉट्स ने इसे एआई से जेनरेटेड वीडियो तक बताया था। खुद चीन ने इस वायरल वीडियो या रोबोट्स के सैन्य इस्तेमाल को लेकर कुछ नहीं कहा है। हालांकि, उसके एक कदम ने जंग के लिए रोबोट्स इस्तेमाल करने की मंशा और तैयारियों का खुलासा कर दिया है। दरअसल, हुआ कुछ यूं कि चीन में पिछले महीने वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स का आयोजन किया गया। इसमें इंसान जैसे दो पैरों पर चलने वाले रोबोट्स के कई एथलेटिक खेल रखे गए थे। रोबोट्स ने इनमें अपनी दौड़ने, कूदने और बॉक्सिंग क्षमताओं का प्रदर्शन किया था। इतना ही नहीं रोबोट्स ने अपनी नाचने और स्केटिंग की क्षमताएं भी प्रदर्शित कीं। गेम्स के कुछ वीडियो में तो एक वर्ग के रोबोट को 100 मीटर की रेस में उसैन बोल्ट से तेज दौड़ते देखा गया था। इन वीडियोज की दुनियाभर में काफी चर्चा भी हुई।





