नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान में ‘बड़ी लहर’ आने की चेतावनी दी है, जबकि इस्फहान के न्यूक्लियर साइट पर नए धमाके हुए हैं। ट्रंप ईरान के परमाणु ठिकानों को पूर ट्रंप ईरान के न्यूक्लियर साइट को पूरी तरह तबाह करना चाहते हैं इंटरव्यू में बोले ट्रंप हालांकि, ट्रंप ने एक संक्षिप्त साक्षात्कार के दौरान ईरान में नई शासन व्यवस्था को लेकर कई विरोधाभासी दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। सत्ता हस्तांतरण की अपनी योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के विशिष्ट सैन्य बल, जिनमें रिवोल्यूशनरी गार्ड के अधिकारी भी शामिल हैं, ईरानी जनता को अपने हथियार सौंप देंगे।
उन्होंने कहा, ‘अगर आप इस बारे में सोचें तो वे सचमुच जनता के सामने आत्मसमर्पण कर देंगे।’ फिर उन्होंने ईरान में सत्ता परिवर्तन का एक बिल्कुल अलग मॉडल पेश किया, जिसमें उन्होंने वेनेजुएला में अपने अनुभव का बार-बार जिक्र किया, जब उन्होंने डेल्टा फोर्स की एक टीम को मादुरो को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक रूप से देने की बजाय इंटरनेट मीडिया के माध्यम से दे रहे है। उन्होंने शनिवार तड़के 2:30 बजे इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो जारी कर ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य हमले की घोषणा की। ट्रंप के इस अप्रत्याशित घोषणा ने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चौंका दिया है।
उन्होंने अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की सूचना भी सार्वजनिक रूप से जनता को नहीं दी। इसके बजाय ट्रंप पाम बीच स्थित अपने निजी क्लब मार-ए-लागो में एक डिनर पार्टी में इसकी जानकारी दी। रविवार को भी ट्रंप सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए। उन्होंने एक और वीडियो जारी कर सैन्य कार्रवाई का जिक्र किया और ईरानी जनता से ‘अपना देश वापस लेने’ का आह्वान किया। इसके बाद वह वाशिंगटन के लिए रवाना हुए।
राष्ट्रपति की सार्वजनिक टिप्पणियां केवल इंटरनेट मीडिया वीडियो और चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत तक सीमित है। हमले से पहले भी उन्होंने सैन्य कार्रवाई के समर्थन में कोई विस्तृत सार्वजनिक तर्क पेश नहीं किया था। इस कारण कई विश्लेषकों ने उनकी रणनीति और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।





