देहरादून। उत्तराखंड में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा रविवार को कड़ी और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई।राज्यभर के 53 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में करीब 21 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी केंद्रों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।गढ़वाल मंडल में देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, नई टिहरी, पौड़ी, चमोली और उत्तरकाशी, जबकि कुमाऊं मंडल में हल्द्वानी, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर, अल्मोड़ा, चंपावत, पिथौरागढ़ और पंतनगर में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।परीक्षा केंद्रों पर दोपहर साढ़े 11 बजे से ही अभ्यर्थियों की एंट्री शुरू हो गई थी। प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी को फ्रिस्किंग, दस्तावेज सत्यापन, पंजीकरण और बायोमेट्रिक जांच की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।किसी भी तरह की अनियमितता और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और फेस आथेंटिकेशन को अनिवार्य किया गया था।राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से निर्धारित ड्रेस कोड का सख्ती से पालन कराया गया। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और जैमर लगाए गए थे, जबकि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी।परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई। इस बार छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई थी।अतिरिक्त 15 मिनट परीक्षा शुरू होने और समाप्ति से जुड़ी औपचारिकताओं के लिए दिए गए, ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारु और व्यवस्थित ढंग से पूरी हो सके।





