मेरठ : कॉकरोच ट्रेंड में मेरठ भी शामिल हो गया है। यहां नेता, अधिवक्ता और किसानों का साथ मिला है। किसी ने खुद को राष्ट्रीय संयोजक तो किसी ने जिलाध्यक्ष बताकर पोस्ट किया। सोशल मीडिया पर अभियान छाया रहा।इंटरनेट पर यह अभियान इस कदर छाया है कि यहां कोई खुद को इस प्रतीकात्मक पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बता रहा है तो कोई जिलाध्यक्ष घोषित कर पोस्ट साझा कर रहा है। यहां तक कि मेरठ में कॉकरोच अधिवक्ता जनता पार्टी तक का गठन कर दिया गया है। दरअसल यह ट्रेंड युवाओं के भीतर पनप रहे आक्रोश और डिजिटल प्रतिरोध का एक रूप है जिससे युवा वर्ग लगातार जुड़ता जा रहा है।इस आंदोलन की शुरुआत भारत के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा बेरोजगारों को लेकर की गई एक टिप्पणी के बाद हुई। इससे क्षुब्ध होकर प्रसिद्ध सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर अभिजीत दिपके ने कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से एक डिजिटल मुहिम की नींव रखी। देखते ही देखते इंस्टाग्राम पर सीजेपी के फॉलोअर्स की संख्या लगभग 1.50 करोड़ के पार पहुंच गई, जो देश के स्थापित राजनीतिक दलों से भी अधिक है। युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दों को उठाने वाले इस आंदोलन को अब कई प्रमुख राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिलने लगा है।





