भाद्रपद कृष्ण पक्ष नवमी, कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), श्रावण | नवमी तिथि 07:24 PM तक उपरांत दशमी | नक्षत्र रोहिणी 03:17 AM तक
भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी, कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), श्रावण | अष्टमी तिथि 09:34 PM तक उपरांत नवमी | नक्षत्र कृत्तिका 04:38 AM तक
<div dir=”ltr”> <p style=”text-align: justify;”><strong>Right way to Naam Jap:</strong> नाम जप एक ऐसी क्रिया जिसमें भगवान का नाम लगातार श्रद्धा और भक्ति के साथ लेने
<p style=”text-align: justify;”><strong>Swami Kailashanand Giri: </strong>भगवान की पूजा व्यक्ति को अपने आध्यात्मिक पक्ष से जुड़ने और अपने भीतर की ऊर्जा को जगाने में मदद करती है.
<p style=”text-align: justify;”><strong>Rules for temple:</strong> मंदिर जाते समय हमें कुछ नियमों और परंपराओं का पालन करना चाहिए. स्वच्छता, विनम्रता और अच्छे आचरण से पूजा करने