नई दिल्ली, एजेंसी। भारत में दक्षिण कोरिया की इस लोकप्रियता के बावजूद, दोनों पक्ष व्यापार और निवेश को और बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.कोरियाई मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच औद्योगिक और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए यह नया विभाग बनाया गया है. जानकारों का मानना है कि इसका मकसद भारत में दक्षिण कोरियाई निवेश की एक नई लहर को प्रोत्साहित करना है. इसकी झलक भारत में एक ‘कोरियाई एन्क्लेव’ या औद्योगिक टाउनशिप बनाने के प्रस्ताव में मिलती है. इसमें ‘प्लग-एंड-प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर होगा, जिससे कोरिया के छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों के लिए भारत में काम शुरू करना आसान हो जाएगा.इस टाउनशिप के बारे में अप्रैल में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत यात्रा के दौरान चर्चा हुई थी. यह आठ वर्षों में किसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्राध्यक्ष की पहली भारत यात्रा थी.





