देहरादून। प्रदेश में भालू के आबादी क्षेत्र में पहुंचने और हमला करने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई घटनाएं चमोली और उत्तरकाशी जिले में हो चुकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार हाइबरनेशन में जाने से पहले भालू चर्बी को बढ़ाता है, ऐसे में वह जंगल से लेकर आबादी क्षेत्र में जहां भी खाना मिलता है उसको खाने के लिए पहुंचता है। ऐसे में लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। वहीं, वन मुख्यालय ने वनाधिकारियों को गश्त बढ़ाने समेत अन्य सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।भारतीय वन्यजीव संस्थान के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक सत्य कुमार ने बताया कि हाइबरनेशन में जाने से पहले भालू अपने शरीर में चर्बी (बाडी फैट) को बढ़ाता है, जिससे हाइबरनेशन में उसके शरीर को ऊर्जा मिलती रहे। इसके लिए उसे जंगल से लेकर आबादी क्षेत्र में जहां भी भोजन मिलता है, वहां पर पहुंच जाता है। इस दृष्टि से अक्तूबर का महीना अहम होता है। ऐसे में लोगों को भी सचेत रहना चाहिए।





