मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में 8 दिनों के भीतर दो सरकारी स्कूल भवन ढहने से बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जिले के 313 जर्जर स्कूलों में हजारों छात्र अब भी पढ़ाई करने को मजबूर हैं. बादलहार और चक मोहम्मदपुर स्कूल हादसों के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है.सुबह-सुबह कंधों पर बस्ता टांगे जब बच्चे स्कूल की ओर निकलते हैं, तो उनके माता-पिता यही सोचते हैं कि उनका लाडला पढ़-लिखकर बेहतर भविष्य बनाएगा. लेकिन एमपी के शिवपुरी जिले के सैकड़ों परिवारों के सामने आज एक डर खड़ा है- कहीं स्कूल की जर्जर दीवारें और कमजोर छतें उनके बच्चों के सपनों पर भारी न पड़ जाएं. बीते आठ दिनों में जिले के दो सरकारी स्कूल भवन ढह चुके हैं. संयोग अच्छा रहा कि दोनों बार बच्चे सुरक्षित बच गए.
मगर सवाल यह है कि क्या हर बार किस्मत ही बच्चों की रखवाली करेगी, या फिर जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा?शिवपुरी जिले के कोलारस अनुभाग के शासकीय प्राथमिक विद्यालय बादलहार में शनिवार शाम करीब 4:30 बजे अतिरिक्त कक्ष और बरामदा अचानक भरभराकर गिर गया. राहत की बात यह रही कि उस समय स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी और बच्चे घर जा चुके थे. यदि यह हादसा कुछ घंटे पहले हुआ होता, तो कई मासूम इसकी चपेट में आ सकते थे. घटना का वीडियो रविवार को सामने आने के बाद पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक हुई.यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले 3 जुलाई को बदरवास जनपद शिक्षा केंद्र के चक मोहम्मदपुर स्कूल की छत भी स्कूल समय के दौरान ढह गई थी. उस दिन भी बच्चे संयोगवश दूसरी इमारत में पढ़ाई कर रहे थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया. लगातार दो घटनाओं ने सरकारी स्कूल भवनों की हालत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.





