नई दिल्ली, एजेंसी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत (INDIA) ने पाकिस्तान (PAKISTAN) पर ‘वाटर स्ट्राइक’ कर दी और सिंधु जल समझौता (Indus Water Treaty) को निलंबित तक दिया। यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों का बंटवारा करती है।भारत ने जब से सिंधु जल समझौता को निलंबित किया है, तब से पाकिस्तान खुद को दुनिया की नजरों में बेचारा साबित करने पर तुला है और भारत पर पानी को हथियार बनाने का बेबुनियाद आरोप वैश्विक मंचों पर लगा रहा है, लेकिन तमाम कोशिशों को बावजूद भी पाकिस्तान की दाल गल नहीं रही है।काम नहीं आई पाकिस्तान की चालपाकिस्तान के पहले से बने ‘पब्लिक रिलेशंस सिस्टम’ ने सिंधु जल संधि पर भारत के खिलाफ एक आक्रामक अभियान चलाया था, लेकिन एक्टपर्ट्स का कहना है कि उसे दुनिया के सामने भारत को बदनाम करने में कामयाबी नहीं मिलेगी।
सिंधु जल संधि को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की कोशिश पाकिस्तान, सिंधु जल समझौता (indus water treaty) के मुद्दे को जलवायु संकट के जोड़ते हुए इसका अंतरराष्ट्रीयकरण करना चाहता है। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण जैसे तर्कों से वो अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहानुभूति हासिल करना चाहता है, वो भी ऐसे समय में जब पानी की सुरक्षा एक वैश्विक चिंता का विषय है।दुनिया के गुमराह कर रहा पाकिस्तानपाकिस्तान शुरू से ही खुद दुनिया के सामने बेचारा दिखाने की कोशिश कर रहा है। वह बार-बार भारत पर सिंधु बेसिन का पानी बंद करने का आरोप लगाता रहा है। 1952 में भी पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने UNSC में भारत पर आरोप लगाया था। 50 के दशक से अब तक पाकिस्तान पानी के मुद्दे पर वही राग अलाप रहा है।





