देहरादून : ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के सीटीओ तेजस्वी घनशाला संवाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल नवाचार और उभरती तकनीकों की संभावनाओं पर प्रकाश डालेंगे। वे बताएंगे कि तकनीक केवल उद्योगों को ही नहीं, बल्कि शिक्षा, शासन और सामाजिक जीवन को भी तेजी से बदल रही है। साथ ही उत्तराखंड जैसे राज्यों में तकनीक आधारित विकास के अवसरों पर भी चर्चा करेंगे।वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर उच्च शिक्षा के बदलते स्वरूप और नई शिक्षा नीति के प्रभाव पर चर्चा करेंगी। शिक्षा और शोध के क्षेत्र में लंबे अनुभव रखने वाली प्रो. ठाकुर तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, उद्योग-अकादमिक सहयोग और युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगी।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी संवाद में धार्मिक पर्यटन और तीर्थ प्रबंधन से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखेंगे। चारधाम यात्रा और देवस्थान प्रबंधन के क्षेत्र में उनके अनुभव उत्तराखंड की धार्मिक पहचान को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर देंगे। वे बताएंगे कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए विकास की राह कैसे प्रशस्त की जा सकती है।राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय पर पूर्वी कमान के पूर्व जीओसी-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) राणा प्रताप कलिता अपने अनुभव साझा करेंगे। वहीं सनश्योर एनर्जी के को फाउंडर एवं चीफ बिजनेस ऑफिसर कार्तिकेय एन. शर्मा ऊर्जा क्षेत्र में उभरते अवसरों और हरित विकास की दिशा पर बात करेंगे। इस मंच पर नीति निर्माता, शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, युवा और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे। मकसद स्पष्ट है-उत्तराखंड को लेकर नए विचारों, नई संभावनाओं और नए रास्तों पर गंभीर चर्चा।देवी चित्रलेखा भारत की प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता, भागवत कथा वाचिका और भजन गायिका हैं। वे देश-विदेश में अपनी ओजस्वी वाणी और आध्यात्मिक प्रवचनों के लिए जानी जाती हैं। हरियाणा के पलवल में जन्मी देवी चित्रलेखा जी महज चार वर्ष की आयु से आध्यात्मिक साधना और दीक्षा के मार्ग पर अग्रसर हो गई थीं। उनकी पहली कथा सात वर्ष की आयु में वृंदावन में हुई थी। वे अब तक 35 से अधिक देशों में 600 से ज्यादा कथाओं का आयोजन कर चुकी हैं। संवाद में वे सुप्रभात देहरादून सत्र के जरिये जीवन मूल्यों, आध्यात्मिकता, भारतीय संस्कृति और वर्तमान समय में नैतिकता के महत्व पर अपने विचार साझा करेंगी।मनोरंजन जगत का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अभिनेता राकेश बेदी करेंगे। रंगमंच, टेलीविजन और सिनेमा के लंबे अनुभव के साथ वे बदलते मनोरंजन उद्योग पर अपने विचार साझा करेंगे। अभिनेता और कास्टिंग डायरेक्टर अभिषेक बनर्जी भी इस संवाद का हिस्सा होंगे।





