नई दिल्ली, एजेंसी। भारत सरकार ने विदेशी नागरिकों के लिए वीजा और पंजीकरण संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।नए नियमों के तहत अब छह माह या उससे अधिक अवधि के लिए भारत आने वाले विदेशी नागरिक 180 दिन की अवधि समाप्त होने से पहले किसी भी समय अपना पंजीकरण या वीजा नवीनीकरण करा सकेंगे।वहीं, निर्धारित समयसीमा चूकने वालों के लिए नियम पहले से अधिक सख्त कर दिए गए हैं। नए नियम सुविधा और सख्ती के बीच संतुलन बनाने की दिशा में कदम माने जा रहे हैं।भारत के वीजा को लेकर बदल गए नियमकेंद्रीय गृह मंत्रालय ने आव्रजन एवं विदेशी (संशोधन) नियम अधिसूचित कर दिए हैं। इनका उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना, डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देना और अनुपालन को अधिक प्रभावी बनाना बताया गया है।
अब तक व्यवस्था यह थी कि 180 दिन की अवधि पूरी होने के बाद 14 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना होता था। संशोधित नियमों में यह सुविधा दी गई है कि विदेशी नागरिक अवधि समाप्त होने से पहले ही कभी भी आवेदन कर सकते हैं।हालांकि, समयसीमा बीत जाने के बाद पंजीकरण केवल आपात या अप्रत्याशित परिस्थितियों में ही स्वीकार किया जाएगा।सरकार ने बच्चों की नागरिकता संबंधी मामलों में भी स्पष्टता बरती है।यदि भारत में रहने के दौरान किसी बच्चे को विदेशी नागरिकता मिलती है, तो माता-पिता में से किसी एक को 30 दिनों के भीतर इसकी सूचना पंजीकरण अधिकारी को देनी होगी।हालांकि, यह प्रविधान उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां माता-पिता में से एक भारतीय नागरिक है और बच्चे की भारतीय नागरिकता बनाए रखना चाहता है।संशोधन के तहत अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य चिकित्सा संस्थानों के लिए भी रिपोर्टिंग संबंधी नियमों को अपडेट किया गया है, ताकि विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके।एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव डिजिटल अपील व्यवस्था का है।





