होर्मुज में वसूला जाएगा टोल. अमेरिका के सहयोगी देश ने ईरान से मिलाया हाथ

नई दिल्ली, एजेंसी। ईरान और अमेरिका के बीच नाजुक युद्धविराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा। ईरान ने अब अमेरिकी सहयोगी देश ओमान के साथ मिलकर इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की योजना पर बातचीत शुरू कर दी है।होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा समुद्री तेल और प्राकृतिक गैस गुजरता है।फरवरी के अंत में अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ईरान ने इस जलमार्ग पर व्यापारिक यातायात लगभग ठप कर दिया था, जिससे वैश्विक शिपिंग बुरी तरह प्रभावित हुई और ऊर्जा की कीमतें आसमान छू गईं। अब ईरान ने एक नई पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथारिटी बनाई है और इंटरनेट मीडिया पर एलान किया है कि जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए उसकी अनुमति अनिवार्य होगी।इतना ही नहीं, ओमान ने ईरान को यह भी आश्वासन दिया है कि वह खाड़ी के पड़ोसी देशों- बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के साथ-साथ अमेरिका पर भी इस योजना के पक्ष में अपना प्रभाव इस्तेमाल करने को तैयार है।

टोल नहीं शुल्क व्यवस्था ईरान और ओमान इस प्रस्तावित व्यवस्था को टोल नहीं, बल्कि सेवा शुल्क बता रहे हैं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सीधे टोल वसूलना गैरकानूनी है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में सेवाओं के बदले शुल्क लेने की अनुमति है।अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के विशेषज्ञ और अमेरिकी नेवल वार कालेज के प्रोफेसर जेम्स क्रास्का ने इसकी तुलना माफिया की प्रोटेक्शन मनी से की। उन्होंने कहा कि 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून के तहत अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य से निर्बाध मार्ग का अधिकार सभी देशों पर बाध्यकारी है, चाहे वे इस संधि के हस्ताक्षरकर्ता हों या नहीं।राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल आफिस से साफ कहा, हम इसे मुक्त रखना चाहते हैं, कोई टोल वसूली स्वीकार्य नहीं है। वहीं विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने चेताया कि यदि ईरान इस रास्ते पर आगे बढ़ा, तो कोई भी कूटनीतिक समझौता संभव नहीं होगा।

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