लखनऊ। प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अब दो औद्योगिक भ्रमण और औद्योगिक प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाने की तैयारी है। इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ उद्योगों और निर्माण स्थलों का व्यावहारिक अनुभव दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने विधान भवन स्थित कार्यालय में डेलायट संस्था के प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।इसमें तय किया गया कि सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों को एक्सप्रेसवे, टनल और डैम निर्माण स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा ताकि उन्हें बड़े निर्माण कार्यों की वास्तविक जानकारी मिल सके। वहीं मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को ईवी निर्माण इकाइयों और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा कराया जाएगा, जिससे वे आधुनिक तकनीकों और मशीनों को करीब से समझ सकें।
पोर्टल पर अब तक आठ हजार से अधिक छात्रों को जोड़ा जा चुकाअधिकारियों ने बताया कि विभाग के प्लेसमेंट पोर्टल पर अब तक आठ हजार से अधिक छात्रों को जोड़ा जा चुका है। इसके साथ ही नौकरी डाट काम के सहयोग से प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए विशेष लैंडिंग पेज तैयार किया जा रहा है, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। इंफोसिस समेत कई संस्थानों के सहयोग से नई तकनीक और एआई इंटीग्रेशन आधारित कोर्स तैयार किए जा रहे हैं, ताकि छात्रों को न्यू एज टेक्नोलाजी के अनुसार प्रशिक्षित किया जा सके।छात्रों के प्लेसमेंट को मजबूत करने की जरूरतराष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक), नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआइआरएफ) और स्टेट इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एसआइआरएफ) की समीक्षा के दौरान संस्थानों में फैकल्टी भर्ती और छात्रों के प्लेसमेंट को मजबूत करने की जरूरत बताई गई। सभी तकनीकी और पालिटेक्निक संस्थानों को गुणवत्ता सुधार और रैंकिंग बेहतर करने के लिए तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए गए। बैठक में एआई आधारित पाठ्यक्रमों को शामिल करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा डा. एमकेएस सुंदरम सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।





