रूस-चीन के सामने फीकी पड़ी अमेरिका की ताकत, हाइपरसोनिक मिसाइलों का नहीं कोई तोड़

नई दिल्ली, एजेंसी।  अमेरिका में एक सीनियर पेंटागन अधिकारी ने कांग्रेस (अमेरिकी संसद) की सुनवाई के दौरान माना कि अमेरिकी सेना के पास अभी रूस और चीन जैसे दुश्मनों के हाइपरसोनिक हथियारों या एडवांस्ड क्रूज मिसाइलों के खिलाफ कोई डिफेंस लाइन नहीं है।अमेरिका की स्पेस पॉलिसी के लिए युद्ध के असिस्टेंट सेक्रेटरी मार्क बर्कविट्ज अमेरिकी सीनेट की आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सामने अगली पीढ़ी के ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर सुनवाई के दौरान बोल रहे थे, जिसे अमेरिका में विकसित किया जा रहा है।अमेरिका की स्पेस पॉलिसी के लिए युद्ध के असिस्टेंट सेक्रेटरी मार्क बर्कविट्ज ने अमेरिकी सीनेट को यह भी बताया कि दुश्मन देश अब ‘नॉन-बैलिस्टिक खतरे’ विकसित कर रहे हैं, जिनमें हाइपरसोनिक और लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें शामिल हैं, जिन्हें अमेरिका को खतरे में डालने के लिए डिजाइन किया गया है।

मार्क बर्कविट्ज से अमेरिका की मौजूदा मिसाइल डिफेंस क्षमताओं के बारे में बताने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, ‘आज, हमारे पास जमीन पर आधारित एक बहुत ही सीमित, सिंगल-लेयर होमलैंड डिफेंस सिस्टम है, जिसे खास तौर पर उत्तर कोरिया से होने वाले छोटे पैमाने के हमले के खिलाफ डिजाइन किया गया था।’

मार्क बर्कविट्ज ने आगे बताया, ‘हमारे पास किसी भी अन्य बैलिस्टिक मिसाइल हमले का मुकाबला करने की बहुत सीमित क्षमताएं हैं। अगर हम एडवांस्ड क्रूज मिसाइलों की बात करें तो आज हमारे पास हाइपरसोनिक हथियारों या क्रूज मिसाइलों के खिलाफ भी कोई डिफेंस नहीं है।’यह कड़ा आकलन चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया जैसे देशों की बढ़ती सैन्य क्षमताओं को लेकर चिंताओं के बीच आया है, जिससे वॉशिंगटन को अपने होमलैंड मिसाइल डिफेंस में बड़ी कमियों को स्वीकार करने पर मजबूर होना पड़ा है।

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