हिंदू और सिखों की सुरक्षा पहले: अमेरिका में मंदिरों और गुरुद्वारों के लिए नया कानून

नई दिल्ली, एजेंसी।अमेरिका की संसद में अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों को लेकर एक विधेयक लाया गया है, जिसका उद्देश्य मंदिरों और गुरुद्वारों समेत अन्य पूजा स्थलों की सुरक्षा करना है।द्विदलीय विधेयक में इन पूजा स्थलों के आसपास 100 फीट का बफर जोन बनाने का प्रस्ताव है और ऐसे क्षेत्रों के भीतर किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या धमकी को संघीय अपराध मानने के प्रविधान भी हैं।मंदिरों-गुरुद्वारों की सुरक्षा को लेकर विधेयकन्यूयॉर्क से डेमोक्रेटिक सांसद टाम सुओजी और ओहायो से रिपब्लिकन सांसद मैक्स मिलर ने पूजा स्थलों और धार्मिक प्रतिष्ठानों में व्यवधान से सुरक्षा (एसएसीआरईडी) अधिनियम से जुड़ा विधेयक पेश किया है।इस विधेयक का उद्देश्य किसी भी पूजा स्थल के 100 फीट के दायरे में धार्मिक पूजा के अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे लोगों को जानबूझकर डराना, बाधा डालना या परेशान करने को संघीय अपराध बनाना है, चाहे ऐसा उन्हें धमकाकर, उनका रास्ता रोककर या उत्पीड़न या डराने के उद्देश्य से उनके आठ फीट के दायरे में पहुंचकर ही क्यों न किया गया हो।

सांसद सुओजी ने कहा, ‘किसी को भी परेशान या डराया-धमकाया जाना नहीं चाहिए। खासतौर पर जब वे अपने पूजा स्थल की ओर जा रहे हों। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उस भय को लक्षित तरीके से दूर करें, जिससे हमारे मतदाताओं की रक्षा हो सके और साथ ही शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के प्रथम संशोधन अधिकार का भी संतुलन बना रहे।’सांसद मिलर ने कहा, ‘हर अमेरिकी को बिना किसी भय, धमकी या उत्पीड़न के अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है।’ जबकि हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन में नीति और कार्यक्रम निदेशक समीर कालरा ने कहा, ‘हिंदू अमेरिकी समुदाय इस विधेयक का स्वागत करता है और अपने पूजा स्थलों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानता है।’

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