गैस फील्ड और रिफाइनरियों पर हमलों से बौखलाया ईरान, रियाद- कतर पर बरसाईं मिसाइलें

नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले जारी हैं। बुधवार को ईरान के विशाल पार्स गैस क्षेत्र पर हमला हुआ। यह इस युद्ध के दौरान ईरान के खाड़ी में स्थित एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुआ पहला हमला है।ईरान ने कतर रियाद पर किया बड़ा हमलाइसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि वह सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर में तेल और गैस के प्रतिष्ठानों पर हमले करेगा। बुधवार को उसने सऊदी अरब के उस प्रांत पर हमले किए जिसमें कई तेल क्षेत्र मौजूद हैं। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी बुधवार रात दो तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि सऊदी अरब ने रियाद की तरफ आ रहीं चार बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट भी कर दिया। इन हमलों के बाद वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मच गया है।

ईरान से इराक को गैस आपूर्ति रोक दी गई

रॉयटर के अनुसार, पार्स दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडार का ईरानी हिस्सा है। ईरान इसे कतर के साथ साझा करता है। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स ने बताया कि गैस टैंकों और रिफाइनरी के कुछ हिस्सों पर हमला हुआ। कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है और आपातकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। ईरान से इराक को गैस आपूर्ति रोक दी गई।इजरायली मीडिया ने बताया कि इस हमले को इजरायल ने अमेरिका की सहमति से अंजाम दिया। अमेरिका के करीबी सहयोगी कतर ने भी इस हमले के लिए इजरायल को दोषी ठहराया और अमेरिका की किसी भी भूमिका का लगभग तीन सप्ताह से जारी इस युद्ध में इससे पहले अमेरिका और इजरायल ने खुद को खाड़ी में ईरान की ऊर्जा उत्पादन इकाइयों को निशाना बनाने से रोक रखा था। इस वजह से ईरान भी अपने पड़ोसी देशों के तेल एवं गैस उद्योगों पर जवाबी हमला करने से बच रहा था।

बहरहाल, ईरान के पार्स गैस क्षेत्र पर हुए हमले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में पहले से ही जारी अभूतपूर्व व्यवधान के और भी बदतर होने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक चुनौतियां बढ़ गई हैं। अमेरिका में डीजल की कीमतें 2022 के बाद पहली बार पांच डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई हैं।

एपी के अनुसार, ईरान ने ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला हुआ है, लेकिन अमेरिका या उसके कई सहयोगी देशों के लिए नहीं। युद्ध शुरू होने के बाद से कुछ जहाज वहां से गुजरने में सफल रहे हैं। इनमें कुछ ईरानी जहाज थे, तो कुछ भारत, तुर्किये और अन्य देशों के जहाज भी शामिल थे।एएनआइ के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान बहुत अच्छा चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए और इस क्षेत्र में बमबारी के दौरान जो कुछ भी नष्ट हुआ है, उसे फिर से बनाने में कम से कम एक दशक लगेगा। ट्रंप ने आगे कहा कि इन उपायों को और अधिक स्थायी बनाने की जरूरत है, ताकि किसी और राष्ट्रपति को ऐसी ही स्थिति का सामना न करना पड़े।

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