नई दिल्ली, एजेंसी। पश्चिम एशिया जंग के बाद से हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहे हैं। एक तरफ अमेरिका-इस्राइल ईरान को नेस्तानाबूद करने पर आमादा हैं, वहीं ईरान अपनी रणनीति से विरोधियों के हौसले पस्त कर रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है और साथी देशों से एक अपील भी की है।पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के कई बड़े देशों से अपील की है कि वे अपनी नौसेना के युद्धपोत भेजकर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को बाधित करने की कोशिश करता है तो अमेरिका उसकी तटरेखा पर सैन्य हमले और तेज करेगा। व्हाइट हाउस ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा की गारंटी के लिए 20 अरब डॉलर तक की बीमा राशि की पेशकश पर भी विचार किया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा- कई देश इस संकट से प्रभावित हैं और वे अमेरिका के साथ मिलकर इस समुद्री मार्ग को खुला और सुरक्षित रखने के लिए अपने युद्धपोत भेजने की तैयारी कर रहे हैं। उनके अनुसार यह रास्ता दुनिया के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और व्यापारिक सामान दुनिया भर में जाता है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने पहले ही ईरान की सैन्य क्षमता को लगभग पूरी तरह खत्म कर दिया
‘ईरान के तटीय इलाकों पर जारी रहेगी सैन्य कार्रवाई’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों को भी इस इलाके में अपने युद्धपोत भेजने चाहिए क्योंकि ये सभी देश इस समुद्री रास्ते से होने वाले व्यापार पर काफी निर्भर हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर सभी देश मिलकर कार्रवाई करेंगे तो ईरान के लिए इस मार्ग को बाधित करना संभव नहीं रहेगा। ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा कि जब तक यह जलमार्ग पूरी तरह सुरक्षित और खुला नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका ईरान के तटीय इलाकों पर लगातार सैन्य कार्रवाई करता रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना जरूरत पड़ने पर ईरान की नौकाओं और जहाजों को भी निशाना बनाएगी ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।





