नई दिल्ली, एजेंसी। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशाखाना 2 भ्रष्टाचार मामले में जेल की सजा सुनाई गई है। इसके बाद इमरान खान ने अपने समर्थकों से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है, जिसके चलते रावलपिंडी हाई अलर्ट पर है।
रावलपिंडी में तनाव की स्थिति को देखते हुए 1300 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं प्रदर्शन कर सकते हैं, जिसे लेकर चिंताओं के मद्देनजर कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया।
रावलपिंडी में इमरान खान के समर्थकों के प्रोटेस्ट से पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की चिंता बढ़ गई है, जिसके चलते रावल पिंडी हाई अलर्ट पर है और यहां 1,300 पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सुरक्षाकर्मियों में दो सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, सात डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, 92 अपर सबोर्डिनेट और 340 कॉन्सटेबल शामिल हैं। इसके अलावा एलीट फोर्स कमांडो के सात दस्ते, 22 रेपिड इमरजेंसी और पर्सनल सिक्योरिटी ऑपरेशन्स हैं। साथ ही एंटी-रायट्स मैनेजमेंट विंग के 400 सदस्य भी शामिल हैं।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुषरा बीवी को 17 साल की जेल की सजा मिली है। यह फैसला रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अडियाला जेल के अंदर स्थित एक विशेष अदालत द्वारा सुनाया गया। यहां इमरान खान को अगस्त 2023 से रखा गया है।
इस फैसले के सामने आने के बाद ही खान के एक्स अकाउंट से रविवार की सुबह एक पोस्ट शेयर किया गया, जिसमें कहा गया कि इमरान खान ने पार्टी नेताओं से सैन्य शैली के मुकदमे के फैसले के बाद विरोध आंदोलन की तैयारी करने का आग्रह किया।
इमरान खान की पीटीआई के अलावा, दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी ने भी रविवार को पाकिस्तान के पंजाब में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की, जिसे उसने ‘ब्लैक लोकर गवर्नमेंट एक्ट 2025’ करार दिया, जिसके चलते अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।





