नई दिल्ली, एजेंसी । बांग्लादेश के जुलाई आंदोलन के प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। सिर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल थे। अंतरिम सरकार प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है। देशभर में प्रदर्शन, हिंसा और सुरक्षा सख्ती बढ़ा दी गई है। कई जगह हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं।
बांग्लादेश की राजनीति और सड़कों पर उबाल और तेज हो गया है। जुलाई आंदोलन के प्रमुख नेता और इंकिलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। सिर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हादी छह दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझते रहे। उनकी मौत के बाद देशभर में शोक, आक्रोश और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने एक दिन के राजकीय शोक का एलान करते हुए दोषियों को जल्द पकड़ने का वादा किया है।
हिंसा की आग में मीडिया दफ्तरों को बनाया निशाना
हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा ने मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया। ढाका के करवान बाजार स्थित द डेली स्टार के कार्यालय पर आधी रात के बाद भीड़ ने हमला कर दिया, जहां करीब चार घंटे तक फंसे रहे 25 पत्रकारों को सुबह सुरक्षित निकाला गया। इससे पहले भीड़ ने प्रोथोम आलो के दफ्तर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, द डेली स्टार की इमारत की निचली मंजिलों में आग लगने से भारी धुआं भर गया, जिससे पत्रकार छत पर शरण लेने को मजबूर हुए। दमकल कर्मियों को भीड़ के कारण मौके तक पहुंचने में दिक्कत हुई। बाद में सेना की तैनाती के बीच पत्रकारों को बाहर निकाला गया।अपील की थी।
द डेली स्टार जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों पर हमले किए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, हादी की मौत की खबर के बाद प्रदर्शनकारी करवान बाजार में जमा हुए और दोनों अखबारों के कार्यालयों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लाठी-डंडों से हमला और सड़क पर आगजनी देखी गई। हादी को 12 दिसंबर को चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारी गई थी और सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शनिवार को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस घटना ने बांग्लादेश में चुनावी माहौल और प्रेस की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





