नई दिल्ली, एजेंसी. शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से चीन के तियानजिन में शुरू हो चुका है। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक साथ मौजूद हैं। दुनिया की तीन बड़ी महाशक्तियों भारत, चीन और रूस का नेतृत्व एक ही मंच पर आ खड़ा हुआ है। 31 अगस्त से चीन के तियानजिन शहर में शुरू हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल हो रहे है। इस भव्य कूटनीतिक आयोजन पर न केवल एशिया, बल्कि पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आगामी बीजिंग में होने वाले चीन के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी शिरकत करेंगे। तियानजिन रवाना होने से पहले एक लिखित साक्षात्कार में बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम किसी भी प्रकार के भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों को स्वीकार नहीं करेंगे। उनका यह बयान अमेरिका को सीधे संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, विशेषकर उस समय जब वैश्विक मंचों पर रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की बाढ़ है।





