भराड़ीसैंण (चमोली) . दिनभर भारी विरोध के बाद विपक्ष ने मानसून सत्र की पहली रात सदन के अंदर गुजारी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से लेकर सभी कांग्रेसी विधायक कंबल ओढ़कर बैठे नजर आए। शाम को पहले विधानसभा अध्यक्ष से वार्ता विफल हुई। इसके बाद सीएम धामी ने फोन करके विपक्ष से धरना खत्म करने का अनुरोध किया लेकिन विपक्ष डीएम के ट्रांसफर, एसएसपी के निलंबन और मुकदमे वापस लेने की जिद पर अड़ा रहा। रात भर सभी विपक्षी विधायक सदन के भीतर कंबल ओढ़कर बैठे रहे। उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने रात को सोशल मीडिया में एक वीडियो जारी करते के सदन के भीतर की तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने कहा कि सदन में तोड़फोड़ का आरोप कोरी अफवाह है। भाजपा सरकार मुद्दे को डाइवर्ट कर रही है, यहां सब ठीक है। वहीं, देर रात खानपुर सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने भी फेसबुक पर सदन के भीतर का एक वीडियो शेयर किया। उसमें विपक्ष के विधायक सदन में लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं।
विधान भवन में कांग्रेस विधायकों का धरना, अध्यक्ष से वार्ता बेनतीजा
उत्तराखंड विधानसभा के यहां स्थित भवन में मंगलवार सुबह शुरू हुए मानसून सत्र के दौरान, विपक्षी कांग्रेस सदस्यों द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के दौरान, नैनीताल और बेतालघाट में सदस्यों के अपहरण, फायरिंग की घटनाओं पर नियम 310 के तहत चर्चा की मांग करते हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद चार बार सदन की कार्यवाही स्थगित हुई। इसके बावजूद, कांग्रेस विधायक शाम को बुधवार तक के लिए सत्र स्थगित होने के बावजूद सदन में ही धरने पर बैठ गए।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण ने सभी को वार्ता के लिए आमंत्रित किया, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। समाचार लिखने तक नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और वरिष्ठ कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह लगातार धरने पर बैठे हुए हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेता प्रतिपक्ष श्री आर्य और वरिष्ठ विधायक श्री सिंह से फोन पर बातचीत कर उनकी मांगों को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी जो भी मांगें हैं, उन पर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने दोनों नेताओं से धरना समाप्त करने और विधायक आवास पर लौटने की अपील की है।





