ट्रंप की टैरिफ संबंधी धमकियों से भारत-ब्राजील आए एक साथ !

ट्रंप की टैरिफ संबंधी धमकियों से भारत-ब्राजील आए एक साथ !
नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज यानी गुरुवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा का फोन आया। यह फोन कॉल इसलिए भी अहम है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और ब्राजील पर लगातार टैरिफ की धमकियों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कॉल के दौरान प्रधानमंत्री ने पिछले महीने अपनी ब्राजील यात्रा का जिक्र किया। तब दोनों नेताओं ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग को मजबूत करने की रूपरेखा पर सहमति जताई थी। इन चर्चाओं के आधार पर उन्होंने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘राष्ट्रपति लूला के साथ अच्छी बातचीत हुई। ब्राजील की मेरी यात्रा को यादगार और सार्थक बनाने के लिए उनका धन्यवाद। हम व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच एक मजबूत, जन-केंद्रित साझेदारी से सभी को लाभ होता है।’
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक बयान में हाल ही में कहा था कि ब्राजील के राष्ट्रपति उन्हें टैरिफ पर बात करने के लिए फोन कर सकते हैं। हालांकि, ब्राजीली राष्ट्रपति ने ट्रंप की ये पेशकश ठुकरा दी थी। ब्राजीली राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश अपने हितों की रक्षा के लिए विश्व व्यापार संगठन सहित सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बात करने के बजाय ब्रिक्स संगठन के सहयोगी देशों से बात करेंगे। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्राजील पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया था।
लूला ने ब्रासीलिया में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा था, ‘2025 में, हम अपने हितों की रक्षा के लिए विश्व व्यापार संगठन से बातचीत शुरू करने के साथ ही सभी संभव उपायों का सहारा लेंगे।’ ब्राजील के नेता ने कहा कि ‘वह टैरिफ पर चर्चा के लिए ट्रंप को फोन नहीं करेंगे, क्योंकि अमेरिकी नेता बात नहीं करना चाहते लेकिन मैं शी जिनपिंग को फोन करूंगा, मैं प्रधानमंत्री मोदी को फोन करूंगा। मैं पुतिन को फोन नहीं करूंगा, क्योंकि वह अभी यात्रा नहीं कर सकते। लेकिन मैं कई राष्ट्रपतियों को फोन करूंगा।’

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