दिमागी नक्सल होम्योपैथिक की गोली थी, सब बाहर निकलकर आ गए

नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को श्रीराम कालेज आफ कामर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह कार्यक्रम में युवाओं को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि भारत आज हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि देश में जब भी कोई बड़ा विकास कार्य होता है तो कुछ लोग ऐसे नाराज होते हैं, जैसे हर विकास पर उन्हें आपत्ति हो।पीएम मोदी ने कहा कि देश की सबसे ऊंची मूर्ति से लेकर सबसे छोटी चिप बनाने तक भारत ने अपनी क्षमता साबित की है। उन्होंने कहा कि देश ने ऐसे लोगों को अपने काम और उपलब्धियों से जवाब दिया है।प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में होने वाले हर विकास पर कुछ लोग ‘नाराज फूफा’ की तरह प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी उपलब्धियों से ऐसे लोगों को जवाब दिया है। देश ने बड़े प्रोजेक्ट से लेकर तकनीक और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी अपनी क्षमता दिखानी शुरू कर दी है।पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि उन्होंने 15 अगस्त को लाल किले से इसकी ‘होम्योपैथिक गोली’ दी थी। उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक गोली की तरह शुरुआत में बीमारी बढ़ती हुई दिखाई देती है और बाद में उसका इलाज होता है।उन्होंने कहा कि जैसे ही 15 अगस्त को लाल किले से ‘दिमागी नक्सल’ वाली गोली दी गई, कई लोग सामने आ गए।

प्रधानमंत्री के इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने उत्साह के साथ प्रतिक्रिया दी।‘ऐसा युवा भारत, जो ग्लोबल लीडर बन रहा’प्रधानमंत्री ने युवाओं की क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि आज भारतीय दुनिया की बड़ी कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब भारतीय दुनिया की कंपनियों को लीड कर सकते हैं तो भारतीयों की बनाई कंपनियां दुनिया को क्यों नहीं लीड कर सकतीं।उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं के पास नेटवर्क भी है और नालेज भी। जरूरत अपनी क्षमता पर भरोसा करते हुए आगे बढ़ने की है।कॉलेज के लोगो से विकसित भारत की राह तक का संदेशSRCC के लोगो का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसमें उगता हुआ सूरज और आगे बढ़ता जहाज दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि यह प्रतीक देश और युवाओं के आगे बढ़ने की भावना को दर्शाता है।उन्होंने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि सूरज हमारा हो, समंदर भी हमारा हो।

नाव भी हमारी हो और नाविक भी हमारा हो। उन्होंने कहा कि लहरों से टकराने का जज्बा और ऊंची उड़ान भरने का सपना युवाओं के भीतर होना चाहिए।प्रधानमंत्री ने युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि सपना हमारा है तो संकल्प भी हमारा होना चाहिए। तेज हवाओं से टकराने का जज्बा रखते हुए युवा आगे बढ़ें और विकसित भारत की दिशा में उठने वाला हर कदम देश का कदम बने।

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