नई दिल्ली, एजेंसी। दिवाली यानी रोशनी, खुशियों और समृद्धि का त्योहार. भारत में यह पुरानी परंपरा रही है कि धनतेरस और दिवाली पर की गई खरीदारी घर में सुख-समृद्धि लाती है. यही वजह है कि सोने-चांदी के शोरूम से लेकर बर्तनों और इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस दिवाली पर हम दिल खोलकर खर्च करते हैं, क्या उस दौरान हम अपने भविष्य के लिए निवेश पर भी उतना ही ध्यान देते हैं?मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि त्योहार पर खर्च करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन असली समृद्धि तब आती है जब आपका पैसा आपके लिए और पैसा बनाकर दे. इस खास रिपोर्ट में हम प्राइम म्यूचुअल फंड के डेटा के जरिए यह समझेंगे कि दिवाली के दौरान भारतीयों का निवेश का मूड कैसा रहता है और सोना-चांदी निवेश के लिहाज से क्यों सुपरहिट साबित हो रहे हैं.





