देहरादून : उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर प्रस्तावित किशाऊ बांध की ऊंचाई इसे देश की ऊंची बांध परियोजनाओं में खास स्थान दिलाएगी। 232 मीटर ऊंचा यह बांध टिहरी के बाद देश का दूसरा सबसे ऊंचा बांध होगा।देश के सबसे ऊंचे टिहरी बांध के साथ अब उत्तराखंड-हिमाचल का किशाऊ बांध देश का दूसरा सबसे ऊंचा और एशिया का 11वां सबसे ऊंचा बांध होगा। इसकी ऊंचाई 232 मीटर होगी। ताजिकिस्तान का निर्माणाधीन रोगुन बांध न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया का सबसे ऊंचा बांध है, जिसकी ऊंचाई 335 मीटर होने वाली है।किशाऊ परियोजना को केंद्र सरकार ने वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया था, जिसके तहत अब 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार ही वहन करेगी। इस बांध से पैदा होने वाली 422 मेगावाट बिजली में से 211 मेगावाट बिजली उत्तराखंड और 211 मेगावाट बिजली हिमाचल प्रदेश को मिलेगी।





