वाशिंगटन। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले एक विधेयक पर वोट करने जा रहा है, जिसमें रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रविधान है। एक प्रस्तावित संशोधन में भारत का नाम भी स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।यह विधेयक ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ है। सीनेट ने पिछले महीने 86-11 के बहुमत से इसे पारित कर दिया था। अब यह हाउस के सामने है। हाउस रूल्स कमेटी ने इसे विचार के लिए आगे बढ़ा दिया है।डेमोक्रेटिक कांग्रेसमैन स्टेनी होयर द्वारा पेश संशोधन में 10 देशों को 100 प्रतिशत तक शुल्क के लिए पात्र बताया गया है। इनमें चीन, भारत, तुर्किए, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाक रिपब्लिक, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिज रिपब्लिक शामिल हैं।यह संशोधन अपने आप भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ नहीं लगाएगा। बल्कि, अगर विधेयक कानून बन जाता है और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अधिकार का इस्तेमाल करते हैं, तो भारत ऐसे शुल्क के लिए पात्र हो सकता है।सीनेट द्वारा पारित संस्करण में देशों के नाम स्पष्ट रूप से नहीं थे। उसमें केवल रूसी तेल और गैस के पांच सबसे बड़े आयातकों का जिक्र था। विधेयक रूस के नेतृत्व, ऊर्जा क्षेत्र और प्रतिबंधों से बचने वाले जहाजों पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ राष्ट्रपति को रूसी ऊर्जा के बड़े खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है।





