कोलंबो। श्रीलंका के पूर्व पुलिस प्रमुख पुजित जयसुंदरा और पूर्व वरिष्ठ रक्षा अधिकारी हेमासिरी फर्नांडो को शुक्रवार को 2019 के ईस्टर बम धमाकों के सिलसिले में मौत की सजा सुनाई गई। इसमें 279 लोग मारे गए थे।एक विशेष अदालत ने दोनों को कई आरोपों में दोषी पाया, जिनमें पूर्व खुफिया चेतावनियों के बावजूद हमलों को रोकने में विफल रहना, कर्तव्य का उल्लंघन, हत्या और हत्या का प्रयास शामिल हैं।रक्षा मंत्रालय के पूर्व सचिव फर्नांडो और जयसुंदरा के वकीलों से टिप्पणी के लिए तत्काल संपर्क नहीं हो सका। श्रीलंका में मृत्युदंड का प्रविधान है, लेकिन फांसी पर लंबे समय से स्वतः ही रोक लगी हुई है, जिसके तहत मृत्युदंड को आमतौर पर आजीवन कारावास में बदल दिया जाता है।2022 में तीन न्यायाधीशों के हाई कोर्ट की पीठ ने इन दोनों पूर्व अधिकारियों को इन्हीं आरोपों से बरी कर दिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले की पुनर्विचार सुनवाई का आदेश दिए जाने के बाद मार्च में एक नया मुकदमा शुरू हुआ। 2024 में निर्वाचित राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने दोषियों को जवाबदेह ठहराने का वादा किया है।21 अप्रैल 2019 को हुए हमलों में तीन चर्च और तीन होटल निशाना बनाए गए थे। श्रीलंका के हाल के इतिहास में सबसे घातक बम धमाकों में 500 लोग घायल भी हुए थे, जिनमें से कई द्वीप के ईसाई अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य थे।





