नई दिल्ली, एजेंसी। पूर्व विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों को भी ईरान के साथ युद्ध का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन सभी ने इसे ठुकरा दिया था।’द लेट शो विद स्टीफन कोलबर्ट’ में बोलते हुए केरी ने कहा, “ओबामा ने मना कर दिया। बुश ने मना कर दिया। राष्ट्रपति बाइडेन ने मना कर दिया। मेरा मतलब है, मैं उन बातचीत का हिस्सा था।”अमेरिका के पूर्व अधिकारी ने कहा कि अमेरिका के पिछले राष्ट्रपति ईरान के साथ युद्ध करने पर सहमत नहीं हुए, क्योंकि उन्होंने शांतिपूर्ण प्रक्रिया के सभी उपायों को पूरी तरह से नहीं आजमाया था। उन्होंने तर्क दिया कि वियतनाम और इराक दोनों ही युद्धों से एक साझा सबक मिलता है। एक ऐसा सबक जिसे वे वियतनाम युद्ध के अनुभवी सैनिक के तौर पर प्रत्यक्ष रूप से जानते हैं और वह यह है कि अमेरिकी जनता को धोखा नहीं देना चाहिए।उनका अनुमान था कि इससे सत्ता परिवर्तन होगा और लोग विद्रोह कर देंगे, लेकिन हमने देखा कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।”नेतन्याहू ने ट्रंप को कैसे किया राजी?न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि कैसे नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला करने के लिए राजी किया।रिपोर्ट में कहा गया है, “11 फरवरी को सिचुएशन रूम में नेतन्याहू ने अपनी बात जोरदार ढंग से रखी। उन्होंने सुझाव दिया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन का सही समय आ गया है और यह विश्वास जताया कि अमेरिका और इजरायल का एक संयुक्त अभियान आखिरकार ‘इस्लामिक रिपब्लिक’ का अंत कर सकता है।”रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा, “मुझे यह ठीक लग रहा है,” और इसके बाद उन्होंने अमेरिका-इजरायल के संयुक्त अभियान को हरी झंडी दे दी।





