: चकराता की ऊंची चोटियों पर सात साल बाद मार्च में गिरी बर्फ

देहरादून : सात साल बाद चकराता की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। मार्च की महीना जनवरी जैसे नजर आया।सीजन की तीसरी बर्फबारी से ठंड बढ़ गई। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के पर्वतीय इलाकों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का अनुमान है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। आने वाले दिनों की बात करें तो 22 मार्च तक प्रदेशभर के पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार हैं।चकराता क्षेत्र में मार्च के महीने में हुई बर्फबारी ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की तीसरी बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सात साल बाद बर्फबारी ने पूरे इलाके के मौसम को एक बार फिर जनवरी जैसा ठंडा बना दिया है।रविवार देर रात देवबन, खड़ंबा, मुंडाली और मोईला टॉप समेत ऊंचाई वाले इलाकों में मौजूदा सीजन की तीसरी बर्फबारी हुई। हालांकि बर्फबारी बहुत अधिक नहीं हुई लेकिन इसके बाद पूरे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। बर्फ की सफेद चादर बिछने से ऊंचाई वाली पहाड़ियों का दृश्य बेहद आकर्षक नजर आया।

 इससे पहले पांच मार्च 2019 को मार्च के महीने में चकराता की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई थी। बर्फबारी से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय निवासी बलबीर सिंह, राजेंद्र सिंह और बाबूराम ने बताया कि मार्च में हुई इस बर्फबारी से चकराता का मौसम लंबे समय तक ठंडा रहने की संभावना है। साथ ही इससे क्षेत्र की फसलों को भी लाभ मिलेगा।अगले 24 घंटे में तापमान में और गिरावट की संभावनाकृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. ए.के शर्मा ने बताया कि मौसम विभाग से मिल रही जानकारी के अनुसार अगले 24 घंटे में ठंडी हवाएं चलने और तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। फिलहाल क्षेत्र का अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।मार्च माह में पर्यटकों को बर्फ की कोई उम्मीद नहीं थी लेकिन मौसम की मेहरबानी से औली में अच्छी बर्फ पड़ गई है। रुड़की से औली पहुंचे विवेक और समृद्धि का कहना है कि इस समय हमें औली में बर्फ देखने को मिली है। मार्च में भी यहां बर्फ का नजारा देखने को मिला है। वहीं पाणा-ईराणी गांव में भी बर्फबारी हुई है। गोपेश्वर के सामने की चोटियां बर्फ से ढकी रहीं। मंडल के ऊपरी क्षेत्र में भी बर्फबारी हुई है।बर्फबारी होने से बदरीनाथ धाम का नजारा देखने लायक बना

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