मुंबई एजेंसी। आईसीसी टी-20 वल्र्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में गुरुवार को भारत और इंग्लैंड की टीमें एक बार फिर टकराने जा रही हैं। मुकाबला मुंबई के मशहूर वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। दांव बड़ा है, जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी। ऐसे में यह मैच सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि पुराने टशन का नया अध्याय भी होगा। यह लगातार तीसरा मौका है, जब दोनों टीमें टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में भिड़ रही हैं। इससे पहले 2022 और 2024 में भी दोनों आमने-सामने आ चुके हैं। 2022 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने भारत को हराकर फाइनल का टिकट कटाया था और बाद में ट्रॉफी भी जीती थी, लेकिन 2024 में कहानी बदल गई। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को सेमीफाइनल में हराया और फिर फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को मात देकर खिताब अपने नाम किया।
वानखेड़े मैदान पर टीम इंडिया का रिकॉर्ड बेहतर
वानखेड़े स्टेडियम के आंकड़ों पर नजर डालें, तो भारत का रिकॉर्ड मजबूत दिखता है। भारत ने यहां सात टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिनमें पांच जीते हैं। दिसंबर, 2017 के बाद से भरत यहां टी-20 में नहीं हारा है। वहीं, इंग्लैंड ने यहां छह टी-20 मैच खेले हैं, जिनमें तीन जीते और तीन हारे हैं। भारत और इंग्लैंड इस मैदान पर दो बार भिड़ चुके हैं और दोनों ने एक-एक मुकाबला जीता है।
साल 2007 से शुरू हुई थी राइवलरी
भारत-इंग्लैंड की टी20 राइवलरी की सबसे यादगार घटना 2007 वल्र्डकप में देखने को मिली थी, जब युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाए थे। वह पल आज भी क्रिकेट फैंस को रोमांचित कर देता है और इन दोनों टीमों के मुकाबलों को खास बना देता है।





